The Story of 7 "S"

Archive for the ‘Hindi Poetry’ Category

बुल्ले शाह इन हिल्स!!

बुल्ले शाह इन हिल्स

बुल्ले शाह इन हिल्स

में यहाँ पहाड़ो के बीच अकेला खड़ा हू….
सोचता हू…. यही पर पड़ा रहू…

फिर समझ आता है,की ऐसी और भी मंज़िलें फ़तेह करनी है…..
अभी और भी बहुत सारी यात्रा करनी है….

अभी और भी आगे जाएँगे….
नयी बुलंदियों को छू कर आएँगे…..

तभी तो हम बुल-ए-शाह कहलाएँगे!!

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